गंगा: नदी का प्रवाह

October 05, 2017

गंगा का बेसिन भारत का सबसे बड़ा नदी बेसिन है। यह देश के 26 प्रतिशत भूभाग पर फैला हुआ है तथा यहां की 43 प्रतिशत आबादी का पोषण करता है। भारत सरकार ने 1986 में गंगा एक्शन प्लान (जीएपी) की शुरुआत की। अगस्त 2009 में पुनर्गठित राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन अथॉरिटी (प्राधिकार) के साथ गंगा एक्शन प्लान को पुनः प्रारंभ किया गया। बीते हुए 30 वर्षों में लक्ष्य समान रहे हैंः प्रदूषण को नदी तक पहुंचने से रोकना। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सीवेज को रोकना तथा नदी में इसे छोड़ने से पहले ट्रीटमेंट की प्रक्रिया के द्वारा नदी की जल-गुणवत्ता को स्वीकार्य स्तर तक सुधारना (जिसे नहाने यग्य पानी की गुणवत्ता कहा गया है)। किंतु कार्यक्रमो, उपलब्ध कोष तथा थोड़े-बहुत कार्यो के बावजूदए गंगा अब भी प्रदूषित हो रही है। इससे भी बदतर यह है कि, हालिया शोधो में दिखाया गया है कि नदी के उन खंडो में भी, जिन्हें पहले साफ माना गया था, अब प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अब क्या किया जा सकता है? आगे क्या रास्ता है?

इस पत्रक में नदी की वर्तमान अवस्था, तथा गंगा को हमेशा जीवित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमो की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

 

 

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