हाथरस में भयानक गर्मी, 40 डिग्री से ऊपर धोखा दे रहे एसी, जानिए किस टेंपरेचर पर चलाना चाहिए एसी? जानिए कारण और बचाव के उपाय
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की एक ताजा डी के मुताबिक, जैसे ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता है, तो 5-स्टार एसी भी 1 या 2-स्टार एसी जैसी बिजली खपत करने लगते हैं। भीषण गर्मी में जब तापमान दिन में 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है, तब लोग राहत पाने के लिए एसी का सहारा लेते हैं। लेकिन अब यही एसी कई घरों में धोखा दे रहे हैं। दिन में चार से पांच घंटे तक 42-45 डिग्री तापमान के कारण तमाम पुराने और इर्टर एसी ट्रिप कर जा रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। गर्मी में एसी आराम जर देता है, लेकिन लापरवाही या गलत उपयोग से यही राहत बड़ी परेशानी बन सकती है। सही देखभाल और समझदारी से इस्तेमाल करें, ताकि आपका एसी आपको गर्मी में धोखा न दे। एसी मिस्त्रियों की डिमांड बढ़ी, मजदूरी भी महंगी ई शहर में कई एसी मिस्त्रियों की मांग इतनी बढ़ गई है कि उन्हें मरत के लिए कई दिनों की बुकिंग मिल रही है। कुछ मिस्त्रियों ने तो गर्मी का फायदा उठाकर अपनी मजदूरी भी बढ़ा दी है। छोटी-छोटी लापरवाहियां कर रही हैं बड़ा नुकसान विशेषज्ञों का कहना है कि बत से लोग एसी के फिर को 7 से 10 दिन में साफ नहीं करते, जिससे कूलिंग में कमी आ जाती है। साथ ही, समय-समय पर सर्विसिंग न कराने से भी एसी जल्दी खराब हो जाते हैं। बिजली की खपत भी एक चिंता सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की एक ताजा डी के मुताबिक, जैसे ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता है, तो 5-स्टार एसी भी 1 या 2-स्टार एसी जैसी बिजली खपत करने लगते हैं। यानी बिजली की बचत के जो दावे बीईई (BEE) करता है, वो अधिक गर्मी में फेल हो जाते हैं। कंप्रेशर की ताकत बना रही है फर्क जानकार बताते हैं कि पुराने रेसिप्रोकेटिंग कंप्रेशर वाले एसी, जो ज्यादा बिजली खाते हैं, वे ही इस तपती गर्मी में बेहतर दर्शन कर पा रहे हैं। वहीं, हीं इर्टर एसी और रोटरी कंप्रेशर वाले एसी बार-बार ट्रिप हो रहे हैं।
