दिवाली से पहले गोपाल राय ने एनसीआर राज्यों से की बड़ी मांग, कहा- NCR में पटाखों पर लगाएं बैन
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के दिल्ली से सटे राज्यों की सरकारों से यह मांग की है कि वह अपने राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाएं. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, “मुझे लगता है कि इस बार दशहरे के दौरान बीते सालों की तुलना में प्रदूषण का स्तर कम रहा है. दिल्ली में दशहरा के उत्सव में कई जगहों पर रावण के पुतलों को लेसर से जलाते हुए दिखाया गया जिससे की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम रहा. मैं चाहता हूं कि प्रदूषण को कम करने की यह पहल ऐसी ही बरकरार रहे. इसी के साथ मैं एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के राज्यों से पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करना चाहता हूं, मुझे लगता है कि अगर एनसीआर राज्य भी इसे प्रतिबंधित करते हैं, तो दिल्ली पर इसका बेहतर प्रभाव पड़ेगा.” दिल्ली-NCR में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ने लगा है. ऐसे में दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का लेवल और बढ़ जाता है. इसको लेकर दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली एनसीआर से जुड़े राज्यों से पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की. उनके मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को तब तक कम नहीं किया जा सकता जब तक की हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश एनसीआर में प्रदूषण के स्रोतों से खत्म नहीं किया जाता. गोपाल राय ने कहा कि पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में केवल 31% प्रदूषण राष्ट्रीय राजधानी के स्रोतों से होता है. वहीं 69 प्रतिशत प्रदूषण एनसीआर से आता है. इसको लेकर गोपाल राय ने केंद्र सरकार से मांग की है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों से निपटने पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई जाए. गोपाल राय ने कहा कि एनसीआर में आने वाले राज्यों को पूरे क्षेत्र में पटाखों और पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए. वहीं दिल्ली में सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन की अनुमति देनी चाहिए. पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, GRAP-2 के तहत दिल्ली NCR में कोयले और लकड़ी से चलने वाले चूल्हों के उपयोग पर प्रतिबंध है, CNG और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, सड़कों की नियमित सफाई और उन पर पानी का छिड़काव किया जाएगा, ट्रैफिक पुलिस के जवान सुनिश्चित करेंगे कि कोई ट्रैफिक जाम न हो ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके.
