Pollution in Delhi: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने प्रदूषण की स्थिति को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्र, रखीं ये सात मांगें दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लि
नई दिल्ली: राजधानी मेंप्रदूषण का ग्राफ एक बार फिर चढ़ रहा है. आलम यह हैकि दिल्ली, दुनिया के टॉप 10 प्रदूषित शहरों की सूची में छठे स्थान पर आ चुकी है. इसेदेखतेहुए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय नेकेंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा हैकि दिल्ली सरकार प्रदूषण की रोकथाम के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन 69 प्रतिशत प्रदूषण अन्य राज्यों के कारण हो रहा है. इसकी रोकथाम के लिए उन्होंनेसात मांगेंकी हैं. आई 30 प्रतिशत कमी: उन्होंने कहा हैकि यदि इन सात बिंदुओं पर काम किया जाए तो दिल्ली समेत पूरे एनसीआर को प्रदूषण सेराहत मिलेगी. पत्र में उन्होंने कहा हैकि राज्य सरकार दिल्ली के नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध करानेके लिए तमाम कदम उठा रही है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले आठ सालों मेंप्रदूषण में 30 प्रतिशत की कमी आई है. दिल्ली मेंवायुके अच्छे, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी के दिनों की संख्या 2016 में 109 से बढ़कर 2023 में 200 हो गई है. चलाए जा रहे कई अभियान: पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सर्दी के मौसम मेंदिल्ली मेंवायुप्रदूषण बढ़ जाता है. इसे कम करने के लिए दिल्ली सरकार विंटर एक्शन प्लान के तहत कई कदम उठा रही है. इसमेंबायोडिकंपोजर का छिड़काव, एंटी एं डस्ट कैंपेन, हॉटस्पॉट के लिए विशेष अभियान, एंटी एं ओपन बर्निंग अभियान आदि शामिल हैं. लेकिन जब तक एनसीआर के राज्यों मेंप्रदूषण के कारकों पर रोक नहीं लगेगी, तब तक ये कदम प्रभावशाली नहीं बन पाएंगे एं . प्रदूषण में एनसीआर राज्यों की भागीदारी: पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि सेंटर फॉर साइंस एंड एन एं वायरनमेंट द्वारा जारी की गई रिपोर्ट बताती हैकि दिल्ली के प्रदूषण स्तर का 31 प्रतिशत, दिल्ली के अंदर के स्रोतों का प्रदूषण है, जबकि शेष 69 प्रतिशत प्रदूषण में एनसीआर के राज्यों के स्त्रोतों की भागीदारी है. इस प्रदूषण को कम करनेके लिए हमेंसात बिंदुओं पर संबंधित एनसीआर राज्यों के साथ संयुक्त मीटिंग करके प्रभावी कदम उठानेकी आवश्यकता है. यह सात बिंदु इस प्रकार हैं- यह भी पढ़ें-Pollution In Delhi: बारिश नेधोया दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण, लोगों नेसाफ हवा मेंली सांस गौरतलब हैकि दिल्ली एनसीआर मेंसोमवार रात हुई झमाझम बारिश सेलोगों को प्रदूषण सेराहत मिली है. इसके चलते प्रदूषण संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार शाम 4 बजे 1 एनसीआर सेदिल्ली आनेवाले सभी सार्वजनिक परिवहन सीएनजी या इलेक्ट्रिक पर चलाए जाएं.एं एनसीआर में पराली जलाने पर रोक लगाई जाए, जिससे पराली का धुआं दिल्ली एनसीआर की हवा को प्रदूषित न करे. 2 एनसीआर राज्यों मेंकाफी औद्योगिक इकाइयां अभी भी प्रदूषणकारी ईंधन से चल रही हैं, उन्हें तत्काल पाइप्ड प्राकृतिक गैस सेसंचालित करने पर काम किया जाए. 3 4 एनसीआर राज्यों मेंभारी प्रदूषण फैलानेवालेईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में बदला जाए. डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करनेके लिए एनसीआर राज्यों के सभी हाउसिंग सोसाइटियों के लिए बिजली सुनिश्चित की जाए. 5 6 एनसीआर राज्यों मेंभी दिल्ली की तरह ही पटाखों पर पूरी तरह सेपाबंदी लगाई जाए. वाहनों को इस्टर्न और वेस्टर्नपेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर उनके शुरुआती बिंदु सेही डाइवर्ट करनेके लिए संबंधित राज्य सरकारों को कहा जाए.
