किसानों को जागरूक करने की जरूरत, उन्हें पराली का विकल्प मुहैया कराना होगा: विवेक चट्टोपाध्याय
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके पिछले कुछ वर्षों की तरह एक बार फिर ‘‘गैस चैंबर’’ में तब्दील हो चुके हैं। जहरीली हवा ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है लेकिन राजनीतिक दल एक-दूसरे पर दोषारोपण की नूरा-कुश्ती में मशगूल हैं।. इन्हीं सब मुद्दों पर वायु गुणवत्ता विशेषज्ञ और नयी दिल्ली स्थित ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट’ के स्वच्छ वायु कार्यक्रम से जुड़े वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक विवेक चट्टोपाध्याय से भाषा के पांच सवाल और उनके जवाब:.
