Fire Crackers Ban: क्या दिल्ली में मन सकेगी बिना पटाखों वाली दिवाली? देखिए माहौल देखकर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट
विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः राजधानी में पटाखों रहित दिवाली मनाने के लिए काफी पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके बावजूद पुलिस जिस तरह से विभिन्न जगहों पर पटाखों की खेप पकड़ रही है, एक्सपर्ट संभावना जता रहे हैं कि यह दिवाली भी पटाखा रहित नहीं होगी। पटाखे राजधानी में दुकानों के अलावा आम लोगों तक भी पहुंच चुके हैं। पटाखे जल भी रहे हैं। ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान boAt, Lenovo, Samsung, HP, और कई अन्य जैसे शीर्ष ब्रांडों से नए लॉन्चिंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज़ पर शानदार बचत। मानसिकता में बदलाव जरूरी एक्सपर्ट के अनुसार, पटाखों के बैन को प्रभावी बनाने के लिए सबसे पहले लोगों की मानसिकता में बदलाव जरूरी है। इसके लिए कदम उठाने और जागरूकता अभियान बड़े स्तर पर चलाना होगा। इस साल ऐसी गतिविधियां अब तक नहीं दिखी हैं। कई बाजारों में लोग पटाखे ढूंढ रहे हैं। व्यापारी बता रहे हैं कि लोग उनके पास पटाखों की मांग कर रहे हैं। वह अधिक कीमतें चुकाने को तैयार हैं। कई लोग बाहर से भी पटाखे खरीद कर ला रहे हैं। सीएसई की अनुमिता राय चौधरी के अनुसार, पटाखों रहित दिवाली के लिए पर्याप्त बैन करने के साथ लोगों को उनसे हो रहे नुकसान के बारे में बताना जरूरी है। ग्रीनपीस के कैंपेनर अविनाश चंचल के अनुसार, पटाखे जल रहे हैं और राजधानी में ही पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में यह साफ है कि पटाखों की डिमांड बनी हुई है। अब पटाखे कितने जलेंगे, इसके लिए दिवाली का इंतजार करना पड़ेगा। लोगों को विकल्प देना भी जरूरी है। साथ ही नियम एक जैसे बनें, सरकारी जश्न, पार्टियों, शादियों में भी पटाखों पर कार्रवाई हो। पटाखों पर कब क्या हुआ, कहां करें शिकायत राजधानी में पटाखों पर 2017 में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने बैन लगाया। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर पूरे देश में बैन लगाया। सिर्फ ग्रीन पटाखों को अनुमति दी गई। 2019 में रात 8 से 10 बजे के बीच राजधानी में ग्रीन पटाखों को जलाने की छूट दी गई। वहीं 2020, 2021 और 2022 से राजधानी में पटाखे पूरी तरह बैन हैं। इसके बावजूद दो साल से राजधानी में दिवाली की रात काफी पटाखे जलते हैं। DPCC के अनुसार, यहां करें शिकायत पुलिस की तुरंत सहायता के लिए 112 पर कॉल करें पटाखों की जानकारी शेयर करने के लिए 1090 पर कॉल करें दिवाली के बाद अगले दिन क्या रहा प्रदूषण 2021 - 462 (4 नवंबर) 2020 - 435 (15 नवंबर) 2019 - 368 (28 अक्टूबर) 2018 - 390 (8 नवंबर) 2017 - 403 (20 अक्टूबर) 2016 - 445 (31 अक्टूबर) 2015 - 360 (12 नवंबर) किन-किन राज्यों में पटाखे प्रतिबंधित हैं दिल्ली में पूरी तरह पटाखों पर रोक है हरियाणा में, एनसीआर के 14 जिलों में पटाखों की बिक्री और जलाने पर रोक रहेगी। यह रोक दिवाली के अलावा गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल पर भी होगी। अन्य जिलों में रात आठ से दस बजे के बीच ग्रीन पटाखे लोग जला सकेंगे। राजस्थान में एनसीआर छोड़कर दिवाली पर रात आठ से दस बजे तक ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। क्रिसमस और नववर्ष पर भी लोग रात 11.55 बजे से 12.30 बजे तक, गुरुपर्व पर रात आठ से दस बजे तक, छठ पर सुबह 6 से आठ बजे तक ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में पटाखों पर बैन लगाया गया है मध्य प्रदेश में जिन शहरों का एक्यूआई 200 के नीचे है, वहां दिवाली पर दो घंटे ग्रीन पटाखे जलेंगे पंजाब में दिवाली और गुरुपर्व पर लोग रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जला सकेंगे महाराष्ट्र में लोगों से पटाखे न जलाने की अपील की गई है छत्तीसगढ़ में दिवाली पर रात 8 से 10 और छठ पर सुबह 6 से आठ बजे के बीच ग्रीन पटाखे छोड़ सकेंगे पश्चिम बंगाल में कालीपूजा, दिवाली और अन्य त्योहारों पर पटाखों पर रोक है
