Tips: AC को 16-18 डिग्री पर चलाना पड़ेगा जेब पर भारी, इतना रखेंगे टेंपरेचर तो बिल और गर्मी दोनों होंगे कम
इन दिनों राजधानी में रेकॉर्ड गर्मी पड़ रही है। इससे बचने के लिए लोग AC का प्रयोग कर रहे हैं और दिल्ली सरकार की जीरो बिल की स्कीम का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं AC बाहर के वातावरण को और अधिक गर्म भी कर रहे हैं। बीएसईएस से मिली जानकारी के अनुसार 12 मई को राजधानी में बिजली की डिमांड 6780 मेगावॉट तक पहुंच गई। यह 24 घंटे में ही 2.8 प्रतिशत तक बढ़ गई। बीएसईएस के अनुसार इसकी मुख्य वजह AC ही हैं। 50 प्रतिशत बिजली की खपत AC, पंखों और कूलर की वजह से हो रही है। CSI की 2019 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गर्मी की वजह से दिल्ली में लोगों को सात महीने AC चलाना पड़ता है। यदि इसी हिसाब से AC चलते रहे तो एक दशक में बिजली की डिमांड दोगुनी हो सकती है। इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राजधानी के लोग सबसे अधिक बिजली रात में 12 से 1 बजे के बीच खर्च करते हैं। जबकि इसके बाद दोपहर 3 से 4 बजे के बीच पावर की डिमांड रही है। CSI की अनुमिता राय चौधरी के अनुसार AC चलाने से बिल्डिंग तो ठंडी हो रही है लेकिन बाहर गर्मी बढ़ रही है। इसकी वजह से गलियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। इनके अनुसार गर्मियों में घरों को ठंडा रखने के उपकरणों की वजह से बिजली की डिमांड में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। 1.5 टन के AC को चलाने के लिए दिल्ली वालों का बिल करीब 5000 रुपये मासिक के करीब आ रहा है। जबकि दिल्ली में देश की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है। एनर्जी कनजर्वेशन एक्सपर्ट सुनील विश्वास के अनुसार 3 स्टार स्पिल्ट AC एक दिन में 6 घंटे चलता है तो 30 दिन में 260 किलोवॉट बिजली की खपत होती है।
