भिवाड़ी में पूरे साल हवा रही जहरीली, पीएम-2.5 राष्ट्रीय मानक से दोगुना; औद्योगिक धुएं और ट्रैफिक ने बिगाड़ी हालत
प्रदूषण का असर लंबे समय तक है रहता सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की क्लीन एयर प्रोग्राम मैनेजर शांभवी शुक्ला के अनुसार प्रदूषण केवल सीधे धुएं तक सीमित नहीं है। वाहनों और उद्योगों से निकलने वाली गैसें वातावरण में रासायनिक प्रतिक्रिया कर सेकेंडरी कणों का निर्माण करती हैं, जो अधिक महीन होते हैं और लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं। इसी वजह से प्रदूषण का असर लंबे समय तक बना रहता है।
