Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में इस बार मानसून नहीं, मुसीबत बनकर बरसा – चार सालों में सबसे खराब हालात, अब भी खतरा बरकरार.
उत्तराखंड इस बार ऐसा मानसून झेल रहा है, जो न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ रहा है, बल्कि लोगों की जान और जीवन दोनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। 1 जून से 5 अगस्त 2025 तक, यानी महज 66 दिनों में से 43 दिन एक्सट्रीम वेदर वाले रहे मतलब या तो तेज बारिश, बाढ़, या भूस्खलन। ये आंकड़ा पिछले चार सालों में सबसे खराब है। दिल्ली के सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) और डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट बताती है कि 2022 में पूरे मॉनसून सीजन में 44 दिन ऐसे थे, और इस बार सिर्फ आधे मानसून में ही ये आंकड़ा छू लिया गया है। ये हालात डराते हैं, क्योंकि अगर यही सिलसिला अगले दो महीनों तक चला, तो ये साल उत्तराखंड के लिए सबसे खतरनाक मॉनसून साबित हो सकता है।
