स्वच्छता सर्वेक्षण: एनडीएमसी सुपर स्वच्छ लीग सिटी अवार्ड में पहले पायदान पर
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता के लिए सुपर स्वच्छ लीग सिटी से सम्मानित किया गया है। एनडीएमसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में दिल्ली पहले स्थान पर है। एनडीएमसी को गुरुवार को विज्ञान भवन में आयोजित प्रतिष्ठित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सुपर स्वच्छ लीग सिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया। गुरुवार को एनडीएमसी की ओर से यह पुरस्कार दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा और एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया। एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार स्वच्छता, सेवा मानकों और नागरिक उत्कृष्टता में मानक स्थापित करने के एनडीएमसी के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। मैं अपने कर्मचारियों, विशेषकर सफाई सेवकों को बधाई देता हूं, जिनकी अथक मेहनत से हमें यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि एनडीएमसी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और परिषद सदस्यों के दूरदर्शी नेतृत्व, स्वच्छता सेवकों, स्वच्छता और बागवानी टीमों, इंजीनियर्स विंग, पीएमयू विशेषज्ञों, योजनाकारों के अथक समर्पण और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के कारण संभव हुई है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने भी 50 हजार और 3 लाख की श्रेणी में नई दिल्ली को सबसे स्वच्छ राजधानी बनाने में सहयोग के लिए निवासियों और आगंतुकों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस सम्मान को प्राप्त करने में समुदाय की सहयोगात्मक भावना महत्वपूर्ण रही है। एनडीएमसी एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ नई दिल्ली के अपने दृष्टिकोण की प्राप्ति के लिए स्वच्छता को बनाए रखने और बढ़ाने, हरित आवरण में सुधार लाने और अत्याधुनिक स्वच्छता तकनीकों को अपनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। इस कारण मिला सम्मान--- एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र में काफी इनोवेशन किया है। यह अवार्ड हमें इनोवेशन, कूड़ा प्रबंधन और तीन आरआरआर के लिए मिला है। आरआरआर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण अवधारणाएं हैं। रीसाइकिल या पुनः चक्रण या पुनर्चक्रण यानी उपयोग की गई वस्तुओं (जैसे प्लास्टिक, कागज़, धातु आदि) को प्रक्रिया के द्वारा दोबारा उपयोग के लायक बनाना। रीयूज या पुनः उपयोग यानी किसी वस्तु को फेंकने के बजाय दोबारा किसी रूप में उपयोग करना। तीसरा रिड्यूज यानी कमी करना या घटाना इसका आशय है कि ऐसी वस्तुओं का कम से कम उपयोग करना जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती हैं। 2021 में पहले स्थान पर भी रही है एनडीएमसी 2021-22 में एनडीएमसी 1 लाख से 10 लाख की आबादी की श्रेणी में स्वच्छता सर्वेक्षण में पहले स्थान पर भी रह चुकी है। वहीं विगत वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2022-23 में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) को 7वीं रैंकिंग मिली थी। डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए जितने नंबर तय थे, उसमें से एनडीएमसी ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। एनडीएमसी को 5 स्टार गार्बेज फ्री और वॉटर प्लस प्रमाणित सिटी के रूप में भी सम्मानित किया गया था। इस बार की रैंकिंग तो जारी हुई है लेकिन किस श्रेणी में कितने अंक मिले यह खबर लिखने तक वेबसाइट पर जारी नहीं किए गए थे। 2018 से 2023 तक की एनडीएमसी की रैंकिंग 2018--4 2019--5 2020--3 2021--1 2022--3 2023--7 ------------------------------ नंबर वन कैसे बने दिल्ली, क्या है विशेषज्ञ की राय दिल्ली में कचरा प्रबंधन जिस तरह हो रहा है वह बाकी शहरों से अलग है। दिल्ली सरकार या दिल्ली नगर निगम कचरा प्रबंधन तकनीक से सुलझाने का रास्ता ढूंढ रही है। लेकिन, यह नाकाफी है। अगर दिल्ली को बेहतर करना है तो लोगों को एक साथ लाना होगा। उन्हें कचरा प्रबंधन के बार में समझाना होगा। घरों से ही गीला और सूखा कचरा अलग करना जरूरी है। यही नहीं, जो कचरा घरों से उठाया जाता है वह भी डंपिंग ग्राउंड तक अलग-अलग जाना चाहिए। लेकिन, अभी ऐसा नहीं हो रहा है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। कचरा प्रबंधन का कोई शॉर्ट कट नहीं है। कचरा उठाने वाली गाड़ियों को भी इस तरह बनाना होगा, जिसमें गीला और सूखा कचरा अलग किया जा सके। अतिन बिस्वास, कार्यक्रम निदेशक, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट
