गोरा रंग दो दिन में ढल जाएगा
मेरठ (ब्यूरो)। आपकी त्वचा से आपकी उम्र का पता नहीं चलता, दरअसल, इस तरह के विज्ञापन आपको टीवी और सोशल मीडिया पर दिखाई पड़ते हैं। ब्यूटी और कास्मेटिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां स्किन को मुलायम और खूबसूरत के कई दावे करती हैं, लेकिन अब सीएसई यानि सेंटर साइंस एंड एनवायरमेंट्स पाल्यूशन मॉनिटरिंग लैब की एक रिसर्च में चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक कई ब्यूटी प्रोडक्ट में इतने खतरनाक मैटेरियल पाए गए हैं, जिनसे कैंसर और स्किन से जुड़ी गंभीर बीमारियां तक हो सकती हैं। हालत यह है कि शहर के स्किन स्पेशलिस्ट के पास ऐसी बीमारियों से जुड़े कई केस सामने आ रहे हैं। सीएसई की रिपोर्ट में खुलासा गौरतलब है कि बीते नवंबर में सीएसई यानि सेंटर साइंस एंड एनवायरमेंट्स पाल्यूशन मॉनिटरिंग लैब में 133 ब्यूटी प्रोडक्ट की जांच की गई थी। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस सीएसई संस्था में मेरठ के भी कई नामचीन डॉक्टर जुड़े हैं। सीएसई की प्रमुख सुनीता नारायण ने बताया कि जांच के दौरान कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में हैवी मेटल जैसे आर्सेनिक, कैडमियम, लेड, मरकरी, निकेल आदि मिले हैं। अगर ये मेटल शरीर से लंबे समय तक टच में रहें, तो कैंसर और त्वचा संबंधी कई बीमारियां भी हो सकती हैं। हानिकारक तत्व पाए गए इस बाबत कॉस्मेटिकोलॉजिस्ट डॉ। रचना पंडित ने बताया कि जांच में पाया गया है कि कई ब्यूटी प्रोडक्ट में हानिकारक तत्व मिले हैं। ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट को यूज करने से बचना चाहिए। वहीं, स्किन स्पेशलिस्ट डॉ। अर्चना जैन ने बताया कि इन दिनों 28 से 35 आयुवर्ग के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। उन्हें स्किन से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं। बीते छह माह में करीब 200 से अधिक केस सामने आए हैं, जिन्हें स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं। ऐसे में हम उन्हें हर्बल प्रोडक्ट यूज करने की सलाह देते हैं। मॉइस्चराइजर भी हानिकारक ज्यादातर कंपनियों के मॉइस्चराइजर में मौजूद हानिकारक केमिकल त्वचा से नमी छीन लेते हैं। वैसे तो त्वचा को नमी देने और सूर्य की हानिकारक किरणों से सुरक्षा देने के लिए मॉइस्चराइजर का यूज करते हैं। लेकिन ये ही स्किन पर गलत प्रभाव डाल रहे हैं। रेटिनॉल से नुकसान रेटिनॉल जैसे रसायन एंटी एजिंग क्रीम में यूज होते हैं। रेटिनॉल से त्वचा सूर्य प्रकाश के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। इससे त्वचा की परतें हट भी सकती हैं। प्रेग्नेंट महिलाओं को रेटिनॉल से बने प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए। ब्यूटी प्रोडक्ट लेने से पहले उस पर लिखे निर्देश को पढ़ें। शैंपू से हो सकता है सिरदर्द हाइड्रोक्विनॉन रसायन कैंसर कारक होता है। शैंपू में यूज सोडियम लॉरिल सल्फेट त्वचा में खुजली कर सकता है। इससे सिरदर्द हो सकता है। ट्राइइथेनोलामाइन नामक रसायन कुछ स्किन केयर प्रोडक्ट में पीएच वैल्यू को ठीक रखने के लिए मिलाया जाता है। इस केमिकल से एलर्जी, त्वचा के रूखेपन आदि की समस्या हो सकती है। हेयर कलर भी नुकसानदायक भले ही रंग-बिरंगे बाल आपकी पर्सनैलिटी को निखारते हों, लेकिन रिसर्च में पता चला है कि कुछ कंपनियां हेयर कलर में टार और लेड जैसे केमिकल मिलाती हैं। इससे बाल झडऩे, खुजली, जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लेड से मस्तिष्क की तकलीफ बढ़ती है। वैक्सिंग भी देगी नुकसान इसी तरह वैक्सिंग और ब्लीच क्रीम भी है। इसमें भारी कुछ ऐसे रसायन इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिनका सेहत पर बुरा असर होता है। ब्लीच क्रीम में इस्तेमाल रसायन आपकी त्वचा में रैशेस, जलन और खुश्की जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। खुशबू में भी केमिकल कई तरह की फ्रग्रेंस जैसे परफ्यूम, डियो, एयर फ्रेशनर आदि में भी हानिकारक केमिकल मिलाए जाते हैं। टेलकम पाउडर में भी हानिकारक मैटेरियल यूज होते हैं। इस केमिकल से शरीर में एलर्जी और फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है। काजल, सुरमा और लिपस्टिक में भी खतरनाक केमिकल मिले हैं। होंठ की नमी गायब लिपस्टिक का केमिकल भी आपके होंठ से नमी को चुरा सकता है। इसलिए लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम का प्रयोग करें। ज्यादा जरूरी न हो, तो लिपस्टिक लगाने से बचें। बैन के बावजूद मरकरी मिली रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग कंपनियों के कॉस्मेटिक्स के नमूनों की जांच की गई। क्रीम के 14 नमूनों में 0.10 से 1.97 पीपीएम स्तर तक मरकरी मिली, जबकि किसी भी क्रीम में मरकरी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। 15 बड़ी कंपनियों की लिपस्टिक में भी क्रोमियम की मात्रा अधिक मिली। वहीं हेयर कलर प्रोडक्ट में टार की अधिक मात्रा पाई गई। फेस पाउडर और ऐसे अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी निकेल की मात्रा आवश्यकता से अधिक मिली है। कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में यूज केमिकल का प्रभाव भले ही आपको तुरंत न दिखें, लेकिन 30-40 की उम्र के आते ही इसका असर दिखता है। इसके उलट ऑर्गेनिक ब्यूटी प्रोडक्ट आपकी त्वचा पर कोई प्रभाव नहीं डालते हैं। इसमें जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और तेल आदि होते हैं, जो त्वचा को पोषण देने के साथ उसे बैलेंस रखते हैं। डॉ। अर्चना जैन, स्किन स्पेशलिस्ट शहद, हल्दी, अलसी, बेसन, एलोवेरा, केसर, नीम, जैसी चीजों का इस्तेेमाल करें। शहद में ऐसी खूबी है कि यह त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से बचाने के साथ त्वचा को ताजा रखता है। शहद एक प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट है। इस वजह से यह त्वचा को इंफेक्शन से भी बचाता है। त्वचा को सूखेपन से बचाता है।
