इधर GRAP-4 हटा, उधर और खराब हो गई हवा, दिल्ली में पल्यूशन के 9 नए हॉटस्पॉट भी मिले
ग्रैप-4 हटने के दूसरे ही दिन प्रदूषण बढ़कर बेहद खराब स्तर पर आ गया है। सात दिन बाद प्रदूषण इस स्तर पर पहुंचा है। पूर्वानुमान के अनुसार 10 दिसंबर तक प्रदूषण का स्तर खराब रह सकता है। इसके बाद यह एक बार फिर कम होकर खराब स्तर पर पहुंच जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में प्रदूषण के 9 नए हॉटस्पॉट भी मिले हैं। आगे कैसा रहेगा हाल? पूर्वानुमान के अनुसार 9 दिसंबर को प्रदूषण का स्तर खराब और 10 दिसंबर को बेहद खराब रहेगा। वहीं, 11 दिसंबर को इसमें कमी आएगी और यह खराब स्तर पर आ जाएगा। इसके बाद अगले छह दिनों तक यह खराब स्तर पर ही बना रह सकता है। रविवार की शाम हवाओं की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। शाम के समय यह 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। अब 9 दिसंबर को हवाओं की रफ्तार 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे, 10 दिसंबर को 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे और 11 दिसंबर को 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है। राजधानी में उभर रहे हैं पल्यूशन के नौ नए हॉट स्पॉट राजधानी में नौ नए हॉट स्पॉट तेजी से उभर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि पुराने हॉट स्पॉट खत्म हो रहे हैं। बीते तीन सालों के आकलन पर यह पूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नेहरू नगर इन नए हॉट स्पॉट में सबसे बड़ा हॉट स्पॉट बनकर उभर रहा है।राजधानी में प्रदूषण का आकलन तैयार कर 2017 में 13 हॉट स्पॉट की लिस्ट तैयार की गई थी। यह 13 हॉट स्पॉट राजधानी के सबसे प्रदूषित एरिया में शामिल थे। इन 13 हॉट स्पॉट में आनंद विहार, मुंडका, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, आरके पुरम, रोहिणी, पंजाबी बाग, ओखला, बवाना, पूसा, नरेला, अशोक विहार और द्वारका सेक्टर-8 शामिल हैं। GRAP और प्रदूषण के सीजन के दौरान इन हॉट स्पॉट के लिए अलग से निगरानी और प्रदूषण कंट्रोल करने की व्यवस्था रहती है।सीएसई (सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट) की स्टडी के आकलन के अनुसार, राजधानी में 9 ऐसी जगह हैं जो कुछ हॉट स्पॉट से भी ज्यादा प्रदूषित हैं। यह आंकलन बीते तीन सालों के प्रदूषण का विश्लेषण कर किया गया है। इनमें नेहरू नगर, एनएसआईटी द्वारका, विवेक विहार, सोनिया विहार, नैशनल स्टेडियम, आईटीओ, पटपड़गंज, लोदी रोड और अलीपुर शामिल हैं।सीएसई की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रायचौधरी के अनुसार, यह आकलन एक जनवरी से 20 अक्टूबर का है। मौजूदा हॉट स्पॉट की निगरानी के साथ राजधानी में ऐसी जगह जहां प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है उन पर नजर रखना काफी जरूरी है। साथ ही यदि किसी हॉट स्पॉट पर प्रदूषण पिछले कुछ सालों से कम हुआ है तो उसे रिवाइज करने की भी जरूरत है। हॉट स्पॉट 2017 में सामने आए थे, नई जगहों पर प्रदूषण बढ़ने की वजह दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए इनके लिए भी एक खास एक्शन प्लान की जरूरत है।
