DNA Analysis on Honey: सेहतमंद रखने वाला ब्रांडेड शहद कहीं आपको कैंसर की दावत तो नहीं दे रहा?
DNA Analysis on Honey: बाजार में मिलने वाले बड़े ब्रांड के शहद के सैंपल हमने टेस्ट के लिए भेजे. जिनमें HMF काफी ज्यादा मात्रा में पायी गई है. टेस्ट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. जब डाबर जैसी कंपनियां एकदम शुद्ध शहद बेचने का दावा करती हैं तो फिर उनके शहद में HMF की मात्रा ज्यादा क्यों मिली? इसकी कई वजह हो सकती हैं. हम सभी हर मौसम में खुद को सेहतमंद रखने के लिए शहद का सेवन करते हैं. गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए ब्रांडेड हनी खरीदते हैं, लेकिन ये शहद आपको कैंसर के खतरे की ओर तो नहीं धकेल रहा है. ब्रांडेड कंपनियों के दावों की पोल खोलने वाले DNA के ऑपरेशन हनी ट्रैप में इसी का खुलासा किया गया है. इसमें पाया गया है कि शानदार Packaging और बड़े-बड़े दावों के साथ बिकने वाले शहद में मिलावट थी और ये मिलावट जानलेवा भी हो सकती है. ज़ी न्यूज़ ने इसका Reality Check के लिए कई कई महीनों तक रिसर्च और ग्राउंड रिपोर्टिंग की. देश में सबसे अधिक बिकने वाले शहद के कई छोटे और बड़े Brands का लैब टेस्ट (#Honeytest) भी करवाया. नामी ब्रांड के शहद की लैब टेस्टिंग के परिणाम चौंकाने वाले आए. शहद के दोनों ही सैंपल, एक खास मानक पर फेल हो गए. अधिक मात्रा में पाया गया HMF कंपाउंड जांच में एक खास तत्व Hydroxy-methyl-furfural यानी HMF की मात्रा ज्यादा पाई गई. यह दोनों ही कंपनियों के शहद में तय सीमा से दोगुने से भी ज्यादा मिला. डाबर के शहद के एक सैंपल में HMF की मात्रा 176.57 मिलीग्राम मिली और दूसरे सैंपल में 97.250 मिलीग्राम मिली. वहीं टेस्ट में एक अन्य ब्रांड, श्री जी हनी का सैंपल भी फेल हुआ, जिसमें HMF की मात्रा 135.16 मिलीग्राम पाई गई थी. तय मानकों के हिसाब से ये मात्रा किसी भी स्थिति में 80 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. कैंसर का कारण बन सकता है HMF स्टडी में पाया गया है कि शहद में Hydroxy-methyl-furfural (HMF) की ज्यादा मात्रा कैंसर का कारण बन सकती है. रिसर्च की मानें तो इंसान, हर दिन 30 से 150 मिलीग्राम HMF ही पचा पाता है. इससे अधिक मात्रा का हर दिन सेवन करना कैंसर को बुलावा देने जैसा है. यह कंपाउंड आंतों, लिवर और किडनी को खासकर नुकसान पहुंचा सकता है. HMF, Neo-Plasticity पैदा कर सकता है यानी शरीर के Healthy Cells को Tumor वाले Cells में बदल सकता है. HMF की अधिक मात्रा, Gene Mutation यानी आनुवांशिक संरचना को बदल सकती है. लगातार HMF का अवश्यकता से अधिक सेवन इंसान के DNA को भी नुकसान पहुंचा सकता है. भारत में शुद्ध शहद का दावा करते डाबर जैसे कई बड़े ब्रांड मिलावटी शहद बेच रहे हैं. लोग बाजार में मिलने वाले शहद सेहतमंद होने के लिए खाते हैं, लेकिन यह आपके लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है. हमारे देश में शहद की क्वालिटी चेक करने का जो Mechanism है, वो इतना कारगर नहीं है कि मिलावट की 100 फीसदी जांच हो पाए. मिलावटी शहद बेचे जाने का यह भी एक बड़ा कारण हो सकता है. इसकी खुलासा दिसंबर 2020 में भारत में बिकने वाले ब्रांडेड शहद को लेकर बड़े एनजीओ (NGO) सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (Centre For Science And Environment) यानी CSE द्वारा किया जा चुका है. HMF की मात्रा बढ़ने का कारण अमेरिका की National Centre For Bio-Technology Information के मुताबिक शहद में HMF की तब मात्रा बढ़ती है जब- शहद बहुत पुराना हो. Processing के समय शहद को ज्यादा गर्म किया जाए. शहद में मॉइश्चर यानी नमी अधिक हो. शहद का स्टोरेज ठीक से न किया गया हो. उसमें चीनी जैसे शुगर सीरप मिलाए गए हों. साथ ही शहद को मेटल के कंटेनर में रखा गया हो.
