World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण में तेलंगाना नंबर-1, राजस्थान फिसड्डी, जानिए अन्य राज्यों का हाल
World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। इस अवसर जानते हैं हमारे देश में क्या है पर्यावरण संरक्षण हाल। World Environment Day: 5 जून को पूरी दुनिया में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया जाता है, पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नए संकल्प लिए जाते हैं। पर्यावरण दिवस के मौके पर भारत में पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की है। “स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट इन फिगर्स 2023” के नाम से प्रकाशित इस रिपोर्ट में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कामों के आधार पर राज्यों की रैकिंग की गई है। 29 राज्यों की इस रैकिंग में तेलंगाना सबसे ऊपर जबकि राजस्थान सबसे नीचे है। आइए जानते हैं क्या है इस रैकिंग के मायने- पर्यावरण संरक्षण में तेलंगाना सबसे आगे सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) की वार्षिक रिपोर्ट “स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट इन फिगर्स तेलंगाना ने 10 अंकों में से 7.213 अंक हासिल कर 70 प्रतिशत से अधिक स्कोर किया है। सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने वन आवरण में अच्छी प्रगति की है। साथ ही म्यूनिसिपल वेस्ट ट्रीटमेंट के मामले में शीर्ष राज्यों में शामिल है। गुजरात दूसरे, गोवा तीसरे, महाराष्ट्र चौथे स्थान पर सीएसई की रिपोर्ट में तेलंगाना के बाद दूसरे स्थान पर गुजरात, तीसरे स्थान पर गोवा, चौथे स्थान पर महाराष्ट्र और पांचवे स्थान पर हरियाणा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेलंगाना में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सबसे बहेतर काम हुआ है। राजस्थान सबसे फिसड्डी, बिहार-बंगाल भी बुरी स्थिति में सीएसई की रिपोर्ट में सबसे कम स्कोर करने वाला राज्य राजस्थान है, राजस्थान को महज 2.757 अंक ही मिले हैं। राजस्थान 30 प्रतिशत से कम स्कोर करने वाला एकमात्र राज्य है। राजस्थान के अलावा नागालैंड, बिहार और पश्चिम बंगाल निचले पायदान पर रहने वाले राज्यों में शामिल हैं। इन 7 मानकों के आधार पर तय की गई रैकिंग रिपोर्ट में देश के सभी 29 राज्यों को पर्यावरण की कसौटी पर परखने के लिए 7 संकेतकों का इस्तेमाल किया गया है। इन संकेतकों में वन आवरण में परिवर्तन, म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट ट्रीटमेंट का उपचार, उपचारित सीवेज, अक्षय ऊर्जा ग्रिड में बदलाव, प्रदूषित नदी के स्ट्रेच में सुधार/बदलाव, भूजल निकासी का चरण और उपयोग में नहीं जल निकायों को शामिल किया गया है।
