अगले 27 साल में नहीं मिलेगा चावल, गेहूं और मक्का! जलवायु संकट से इतनी घट जाएगी पैदावार
भारत में कुछ सालों के बाद चावल, गेंहू और मक्का खाने को शायद न मिले. या कम मिले. ये सच्चाई है. क्योंकि जिस हिसाब से मौसम बदल रहा है. 2050 तक चावल, गेंहू और मक्के की पैदावार में भारी कमी आएगी. 27 साल बाद चावल के पैदावार में 20, गेंहू में 19.3 और बाजरे में 18% की गिरावट होगी. वजह क्लाइमेट चेंज है. एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स की वजह से ज्यादा मुसीबत जलवायु परिवर्तन इंसानों द्वारा किए जा रहे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन से हो रहा है. इसमें बड़ी भूमिका जंगलों का काटा जाना है. इस आशंका को सच करती हुई एक रिपोर्ट अभी सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट ने रिलीज की है. जिसमें बताया है कि भारत में पिछले साल 1 जनवरी से लेकर 31 अक्टूबर तक 304 दिनों में 271 दिन मौमस खराब ही रहा है. वो भी आपदाओं के तौर पर. कभी सूखा तो कभी बाढ़. कभी ओले तो कभी आंधी-तूफान.
