सर्वे में पूरे यूपी में सबसे दूषित शहर निकला मुजफ्फरनगर
दिल्ली-NCR और वेस्ट यूपी की हवा गर्मियों में ही जहरीली हो गई है। हवा में पीएम 2.5 (पर्टिकुलेट मैटर) का लेवल देश के दक्षिण भारत के शहरों से 3 गुना अधिक बढ़ गया है। दिल्ली की संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट यानी CSE ने 2022 की गर्मी में शहरों में प्रदूषण के स्तर पर सर्वे किया। सर्वे में NCR और उत्तर प्रदेश की हवा सबसे जहरीली पाई गई है। CSE के राष्ट्रीय मूल्यांकन के अनुसार इस गर्मी में दिल्ली, NCR और पश्चिमी यूपी प्रदूषण का हॉटस्पॉट है। जहां पीएम 2.5 का लेवल देश के दूसरे शहरों से लगभग 3 गुना ज्यादा है। इसका बड़ा कारण हैवी ट्रैफिक, इंडस्ट्री और रेग्युलर कंस्ट्रक्शन वर्क के साथ इस बार 61% कम बारिश है। CSE के साइंटिस्ट सुपर्णो कहती हैं, "सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होने के कारण हवा में हमें धुंध की चादर साफ दिखाई देती है। ये चादर पीएम 2.5 के कणों से बनी प्रदूषण की लेयर होती है। जो स्मॉग के रूप में हमें पूरी दिल्ली, NCR और वेस्टर्न यूपी के शहरों में दिखती है। गर्मियों में तेज धूप के कारण पीएम 2.5 के हानिकारक कण हवा में नजर नहीं आते। हमें लगता है आसमान साफ है। जो आंखों का धोखा है।" सर्वे में उत्तर भारत सबसे प्रदूषित पाया गया। दिल्ली-NCR इस बार गर्मियों में प्रदूषण का हॉटस्पॉट बना है। गर्मियों में वेस्ट यूपी की हवा में PM 2.5 का स्तर 71 माइक्रोग्राम प्रति वर्ग मीटर निकला। जो पूर्वी भारत में 69 माइक्रोग्राम प्रति वर्ग मीटर था। पश्चिम भारत (54 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और मध्य भारत (46 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) ने भी 40 माइक्रोग्राम प्रति वर्ग मीटर आया। अन्य क्षेत्रों की तुलना में पूर्वोत्तर भारत (35 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और दक्षिण भारत (31 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) स्वच्छ थे। उत्तर भारत में दिल्ली-NCR सबसे प्रदूषित उप-क्षेत्र पाया गया। दिल्ली-NCR के शहरों में गर्मियों में पीएम 2.5 का औसत बहुत अधिक दर्ज किया गया। शोधकर्ता अविकल के अनुसार रिसर्च में छोटे शहरों में पॉल्यूशलन लेवल हाई मिला। मुजफ्फरनगर पूरे यूपी में सबसे दूषित शहर निकला। यूपी में प्रदूषण के मामले में दूसरे नंबर पर गाजियाबाद है। तीसरे नंबर पर हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत हैं। जिनकी हवा में प्रदूषण का स्तर हाई है। देश में हरियाणा के भिवाड़ी में प्रदूषण काफी है।
