अंडमान ने ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर अभियान शुरू किया
श्री विजयपुरम, 28 जुलाई: अंडमान और निकोबार प्रशासन ने ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर क्षमता निर्माण पहल शुरू की है। इस पहल के तहत द्वीपों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रमुख हितधारकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्री विजयपुरम में 28 जुलाई से शुरू होने वाली दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य संस्थागत क्षमता का निर्माण करना और केंद्र शासित प्रदेश में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत अंडमान एवं निकोबार प्रदूषण नियंत्रण समिति (एएनपीसीसी) 28 और 29 जुलाई को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को क्रियान्वित करने पर केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय मास्टर ट्रेनर क्षमता निर्माण कार्यशाला-सह-हैंडहोल्डिंग अभ्यास का आयोजन कर रही है। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई), नई दिल्ली के सहयोग से श्री विजयपुरम स्थित आपदा प्रबंधन निदेशालय के प्रशिक्षण हॉल में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यशाला भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) की भारत-नॉर्वे समुद्री प्रदूषण पहल (INMPI) के द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (संशोधित) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।
