Delhi-NCR में सरकारी गाड़ियों को स्वच्छ ईंधन पर लाने लिए CAQM ने दिया निर्देश, नीति बनाने के लिए भी कहा
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन, डीजल और पेट्रोल वाहनों की तुलना में बेहतर हैं क्योंकि उनमें स्थानीय प्रदूषण का कारक नहीं होता है। ऐसे वाहनों का अधिक प्रभाव डालने के लिए बदलाव की आवश्यकता है, केवल कुछ वाहन लाने से अधिक प्रभाव नहीं होगा। चीन, अमेरिका और यूरोप में ऐसे वाहन पर्यावरण की बेहतरी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। - सुनीता नारायण, महानिदेशक, सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरनमेंट (सीएसई) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अब सरकारी महकमों में इस्तेमाल होने वाहनों पर भी ध्यान दे रहा है। CAQM ने सभी एनसीआर के राज्यों की सरकारों को इस संबंध में पुख्ता नीति बनाने का परामर्श दिया है। आयोग ने कहा है कि स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की खरीद अनिवार्य होनी चाहिए। दिल्ली-एनसीआर को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित हिस्से में शामिल किया जाता है। यहां के प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन की होती है। आयोग द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि सरकार के विभागों, संस्थानों व सार्वजनिक उपक्रमों को ही इसकी पहल लेनी चाहिए। इस बाबत नीति बनानी चाहिए और इसे क्रियान्वित करने के उपाय किए जाने चाहिए। स्वच्छ परिवहन समय की जरूरत सीएक्यूएम ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए यह समय की जरूरत बन गई है कि परिवहन के स्वच्छ साधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
