दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहा ओजोन प्रदूषण का खतरा, हरियाली वाले इलाके भी जद में
धरती को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से बचाने वाली ओजोन दिल्ली-एनसीआर में कहर बरपा रही है। इस वर्ष में अब तक 176 दिन ऐसे रहे जब जमीनी स्तर पर ओजोन की मात्रा सामान्य से अधिक दर्ज की गई। गर्मी के दिनों में होने वाली घटना अब सर्दी के मौसम में भी हो रही है। जनवरी से लेकर मार्च में कुल 62 दिन ऐसे रहे, जब ओजोन का स्तर काफी बढ़ा है। अमूमन दिन के समय हवा में ओजोन की मात्रा अधिक रहती है, लेकिन यह रात में भी सांसों पर संकट गहरा रही है। 161 रातों में ओजोन का स्तर सामान्य से ज्यादा रहा। दिल्ली-एनसीआर में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज और वसुंधरा के साथ 10 इलाके हैं, जहां रात के समय ओजोन की मात्रा बढ़ी है। वहीं, घनी आबादी ही नहीं बल्कि हरियाली वाले इलाके इसकी जद में आ गए हैं। विशेषज्ञ इसे दुर्लभ घटना मान रहे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही है। इसकी चपेट में सबसे अधिक बच्चे, बुजुर्ग व श्वास से पीड़ित लोग हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के मुताबिक 2020 स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट में सामने आया है कि जमीनी स्तर के ओजोन के कारण होने वाली मृत्यु की आयु-मानकीकृत दर भारत में सबसे अधिक है। ओजोन की 8 घंटे की दैनिक अधिकतम सांद्रता ने 2010 से 2017 के बीच देश में सबसे अधिक लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
