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तंदूर बने दिल्ली समेत देश के 17 शहर, 48 के पार पहुंचा पारा, कब से मिलेगी राहत

जून का महीना शुरू होने से पहले ही देश के कई राज्यों में तापमान 45 को पार कर गया है। कुछ जगहों पर तापमान 50 के करीब पहुंचने वाला है। देश के कई हिस्सों में भीषण लू चल रही है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर इस भीषण गर्मी से राहत कब मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा इन राज्यों में 30 मई के बाद थोड़ी राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चीफ डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के इलाकों को 30 मई के बाद राहत मिल सकती है। अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली। जून में तापमान अधिक रहने की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है और ये अगले तीन दिन जारी रह सकती है। 30 मई से इसकी तीव्रता कम होगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने और अरब सागर से नमी के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश ज्यादा नहीं होगी और राहत मिले इसकी गुंजाइश कम है। जून में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। यहां सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है। उत्तर पश्चिम भारत में जून में आमतौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति हो सकती है। देश के 17 शहरों में पारा 48 के पार सोमवार को लोगों को जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 17 स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान का फलोदी 49.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। राजस्थान में कम से कम आठ और स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। हरियाणा के सिरसा में पारा 48.4 डिग्री, दिल्ली के मुंगेशपुर में 48.8 डिग्री, पंजाब के बठिंडा में 48.4 डिग्री, उत्तर प्रदेश के झांसी में 48.1 डिग्री और मध्य प्रदेश के निवाड़ी में 48.7 डिग्री तक पहुंच गया। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में भी गर्मी का सामना करना पड़ा है। ऊना में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मंडी में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली में तीन दिन तक राहत नहीं देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और यहां के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। मौसम कार्यालय ने कहा कि दिल्ली के लिए सोमवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया था और अगले तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा। सफदरजंग वेधशाला ने तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम वेधशाला में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। भीषण गर्मी से राहत कब आईएमडी के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण तीन दिनों के बाद चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ वर्षा होने और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। जून में सामान्य से अधिक रहेगा तापमान आईएमडी ने जून में उत्तर पश्चिम भारत और मध्य क्षेत्र के आसपास के हिस्सों में लू वाले दिनों की संख्या अधिक रहने का पूर्वानुमान जताया है। महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में जून के महीने में आम तौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार इन इलाकों में दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति बन सकती है यानी इन इलाकों में चार से छह दिन भयंकर लू चलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जून में पूरे देश में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। दिल्ली में इस बार गर्मी पहले से अधिक दिल्ली में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार रहा। अगले दो दिनों तक भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। 29 मई लिए लू व भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है। हीट इंडेक्स 47 डिग्री रहा। यानी 45 डिग्री में लोगों को 47 डिग्री वाली गर्मी का अहसास हुआ। 31 मई को अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तापमान में कमी लाएंगी, लेकिन तापमान में कमी आने के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि नमी की वजह से चिपचिपी गर्मी का सामना लोगों को करना होगा। जून की शुरुआत भी हल्की बारिश के साथ हो सकती है। दिल्ली के सबसे गर्म इलाकों में जाफरपुर का अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री, मंगेशपुर का 48.8 डिग्री, नजफगढ़ का 48.6 डिग्री, नरेला का 48.4 डिग्री, पीतमपुरा का 47.6 डिग्री और पूसा का 47.2 डिग्री रहा। इन शहरों में केवल तापमान ही नहीं बढ़ रहा सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने देश के 6 शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई को लेकर एक स्टडी की है। इस स्टडी में पाया है कि सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा है, बल्कि हवा, जमीनी सतह का तापमान और नमी मिलकर इन शहरों को असहनीय गर्मी की तरफ धकेल रहे हैं। 41 डिग्री का हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक माना जाता है। CSE की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रायचौधरी के मुताबिक, इस बदलाव को देखते हुए दिन और रात के लिए हीट मैनेजमेंट प्लान बनाने की जरूरत है। जरूरी है कि लू के समय इमरजेंसी उपाय किए जाएं। इस प्रकोप को कम करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बने। इसके लिए ग्रीन एरिया और वॉटरबॉडी बढ़ाने, बिल्डिंग का थर्मल कंफर्ट सुधारने, गाड़ियों से निकलने वाली गर्मी को कम करने, एसी और इंडस्ट्री पर फोकस करने की जरूरत है। जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 के बीच स्टडी में तुलना की गई है।

तंदूर बने दिल्ली समेत देश के 17 शहर, 48 के पार पहुंचा पारा, जानें कब से मिलेगी राहत

नई दिल्ली : जून का महीना शुरू होने से पहले ही देश के कई राज्यों में तापमान 45 को पार कर गया है। कुछ जगहों पर तापमान 50 के करीब पहुंचने वाला है। देश के कई हिस्सों में भीषण लू चल रही है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर इस भीषण गर्मी से राहत कब मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा इन राज्यों में 30 मई के बाद थोड़ी राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चीफ डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के इलाकों को 30 मई के बाद राहत मिल सकती है। अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है और ये अगले तीन दिन जारी रह सकती है। 30 मई से इसकी तीव्रता कम होगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने और अरब सागर से नमी के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश ज्यादा नहीं होगी और राहत मिले इसकी गुंजाइश कम है। जून में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। यहां सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है। उत्तर पश्चिम भारत में जून में आमतौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति हो सकती है। सोमवार को लोगों को जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 17 स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान का फलोदी 49.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। राजस्थान में कम से कम आठ और स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। हरियाणा के सिरसा में पारा 48.4 डिग्री, दिल्ली के मुंगेशपुर में 48.8 डिग्री, पंजाब के बठिंडा में 48.4 डिग्री, उत्तर प्रदेश के झांसी में 48.1 डिग्री और मध्य प्रदेश के निवाड़ी में 48.7 डिग्री तक पहुंच गया। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में भी गर्मी का सामना करना पड़ा है। ऊना में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मंडी में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और यहां के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। मौसम कार्यालय ने कहा कि दिल्ली के लिए सोमवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया था और अगले तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा। सफदरजंग वेधशाला ने तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम वेधशाला में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। आईएमडी के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण तीन दिनों के बाद चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ वर्षा होने और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। आईएमडी ने जून में उत्तर पश्चिम भारत और मध्य क्षेत्र के आसपास के हिस्सों में लू वाले दिनों की संख्या अधिक रहने का पूर्वानुमान जताया है। महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में जून के महीने में आम तौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार इन इलाकों में दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति बन सकती है यानी इन इलाकों में चार से छह दिन भयंकर लू चलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जून में पूरे देश में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। दिल्ली में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार रहा। अगले दो दिनों तक भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। 29 मई लिए लू व भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है। हीट इंडेक्स 47 डिग्री रहा। यानी 45 डिग्री में लोगों को 47 डिग्री वाली गर्मी का अहसास हुआ। 31 मई को अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तापमान में कमी लाएंगी, लेकिन तापमान में कमी आने के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि नमी की वजह से चिपचिपी गर्मी का सामना लोगों को करना होगा। जून की शुरुआत भी हल्की बारिश के साथ हो सकती है। दिल्ली के सबसे गर्म इलाकों में जाफरपुर का अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री, मंगेशपुर का 48.8 डिग्री, नजफगढ़ का 48.6 डिग्री, नरेला का 48.4 डिग्री, पीतमपुरा का 47.6 डिग्री और पूसा का 47.2 डिग्री रहा। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने देश के 6 शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई को लेकर एक स्टडी की है। इस स्टडी में पाया है कि सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा है, बल्कि हवा, जमीनी सतह का तापमान और नमी मिलकर इन शहरों को असहनीय गर्मी की तरफ धकेल रहे हैं। 41 डिग्री का हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक माना जाता है। CSE की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रायचौधरी के मुताबिक, इस बदलाव को देखते हुए दिन और रात के लिए हीट मैनेजमेंट प्लान बनाने की जरूरत है। जरूरी है कि लू के समय इमरजेंसी उपाय किए जाएं। इस प्रकोप को कम करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बने। इसके लिए ग्रीन एरिया और वॉटरबॉडी बढ़ाने, बिल्डिंग का थर्मल कंफर्ट सुधारने, गाड़ियों से निकलने वाली गर्मी को कम करने, एसी और इंडस्ट्री पर फोकस करने की जरूरत है। जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 के बीच स्टडी में तुलना की गई है। मौसम विभाग के अनुसार चार दिनों में साउथ वेस्ट मॉनसून केरल में एंट्री कर लेगा। देश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य या इससे बेहतर ही रहेगा। मॉनसून कोर जोन (कृषि प्रधान राज्यों) में मॉनसून के चार महीनों जून से सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं। कोर जोन में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और वेस्ट बंगाल शामिल हैं। पिछले महीने आईएमडी ने देश भर में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान जताया था।

अभी बाकी है जून और 49° छू रहा पारा! जानिए मौसम विभाग ने ‘हीट के हंटर’ पर क्या बताया

इन शहरों में केवल तापमान ही नहीं बढ़ रहा सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने देश के 6 शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई को लेकर एक स्टडी की है। इस स्टडी में पाया है कि सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा है, बल्कि हवा, जमीनी सतह का तापमान और नमी मिलकर इन शहरों को असहनीय गर्मी की तरफ धकेल रहे हैं। 41 डिग्री का हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक माना जाता है। CSE की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रायचौधरी के मुताबिक, इस बदलाव को देखते हुए दिन और रात के लिए हीट मैनेजमेंट प्लान बनाने की जरूरत है। जरूरी है कि लू के समय इमरजेंसी उपाय किए जाएं। इस प्रकोप को कम करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बने। इसके लिए ग्रीन एरिया और वॉटरबॉडी बढ़ाने, बिल्डिंग का थर्मल कंफर्ट सुधारने, गाड़ियों से निकलने वाली गर्मी को कम करने, एसी और इंडस्ट्री पर फोकस करने की जरूरत है। जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 के बीच स्टडी में तुलना की गई है।

अभी बाकी है जून और 49° छू रहा पारा! जानिए मौसम विभाग ने 'हीट के हंटर' पर क्या बताया

जून का महीना शुरू होने से पहले ही देश के कई राज्यों में तापमान 45 को पार कर गया है। कुछ जगहों पर तापमान 50 के करीब पहुंचने वाला है। देश के कई हिस्सों में भीषण लू चल रही है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर इस भीषण गर्मी से राहत कब मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा इन राज्यों में 30 मई के बाद थोड़ी राहत मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चीफ डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के इलाकों को 30 मई के बाद राहत मिल सकती है। अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली। जून में तापमान अधिक रहने की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में भीषण लू चल रही है और ये अगले तीन दिन जारी रह सकती है। 30 मई से इसकी तीव्रता कम होगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने और अरब सागर से नमी के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बारिश ज्यादा नहीं होगी और राहत मिले इसकी गुंजाइश कम है। जून में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। यहां सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है। उत्तर पश्चिम भारत में जून में आमतौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति हो सकती है। देश के 17 शहरों में पारा 48 के पार सोमवार को लोगों को जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 17 स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान का फलोदी 49.4 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। राजस्थान में कम से कम आठ और स्थानों पर तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। हरियाणा के सिरसा में पारा 48.4 डिग्री, दिल्ली के मुंगेशपुर में 48.8 डिग्री, पंजाब के बठिंडा में 48.4 डिग्री, उत्तर प्रदेश के झांसी में 48.1 डिग्री और मध्य प्रदेश के निवाड़ी में 48.7 डिग्री तक पहुंच गया। यहां तक कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में भी गर्मी का सामना करना पड़ा है। ऊना में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मंडी में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली में तीन दिन तक राहत नहीं देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और यहां के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। मौसम कार्यालय ने कहा कि दिल्ली के लिए सोमवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया था और अगले तीन दिनों तक ऐसा ही रहेगा। सफदरजंग वेधशाला ने तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम वेधशाला में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। भीषण गर्मी से राहत कब आईएमडी के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण तीन दिनों के बाद चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ वर्षा होने और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। जून में सामान्य से अधिक रहेगा तापमान आईएमडी ने जून में उत्तर पश्चिम भारत और मध्य क्षेत्र के आसपास के हिस्सों में लू वाले दिनों की संख्या अधिक रहने का पूर्वानुमान जताया है। महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में जून के महीने में आम तौर पर तीन दिन लू चलती है, लेकिन इस बार इन इलाकों में दो-चार दिन ज्यादा ऐसी स्थिति बन सकती है यानी इन इलाकों में चार से छह दिन भयंकर लू चलने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जून में पूरे देश में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। दिल्ली में इस बार गर्मी पहले से अधिक दिल्ली में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार रहा। अगले दो दिनों तक भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। 29 मई लिए लू व भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया गया है। हीट इंडेक्स 47 डिग्री रहा। यानी 45 डिग्री में लोगों को 47 डिग्री वाली गर्मी का अहसास हुआ। 31 मई को अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तापमान में कमी लाएंगी, लेकिन तापमान में कमी आने के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि नमी की वजह से चिपचिपी गर्मी का सामना लोगों को करना होगा। जून की शुरुआत भी हल्की बारिश के साथ हो सकती है। दिल्ली के सबसे गर्म इलाकों में जाफरपुर का अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री, मंगेशपुर का 48.8 डिग्री, नजफगढ़ का 48.6 डिग्री, नरेला का 48.4 डिग्री, पीतमपुरा का 47.6 डिग्री और पूसा का 47.2 डिग्री रहा। इन शहरों में केवल तापमान ही नहीं बढ़ रहा सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने देश के 6 शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नै, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई को लेकर एक स्टडी की है। इस स्टडी में पाया है कि सिर्फ तापमान नहीं बढ़ रहा है, बल्कि हवा, जमीनी सतह का तापमान और नमी मिलकर इन शहरों को असहनीय गर्मी की तरफ धकेल रहे हैं। 41 डिग्री का हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक माना जाता है। CSE की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रायचौधरी के मुताबिक, इस बदलाव को देखते हुए दिन और रात के लिए हीट मैनेजमेंट प्लान बनाने की जरूरत है। जरूरी है कि लू के समय इमरजेंसी उपाय किए जाएं। इस प्रकोप को कम करने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान बने। इसके लिए ग्रीन एरिया और वॉटरबॉडी बढ़ाने, बिल्डिंग का थर्मल कंफर्ट सुधारने, गाड़ियों से निकलने वाली गर्मी को कम करने, एसी और इंडस्ट्री पर फोकस करने की जरूरत है। जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 के बीच स्टडी में तुलना की गई है। आपके राज्य में कब दस्तक देगा मॉनसून मौसम विभाग के अनुसार चार दिनों में साउथ वेस्ट मॉनसून केरल में एंट्री कर लेगा। देश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून सामान्य या इससे बेहतर ही रहेगा। मॉनसून कोर जोन (कृषि प्रधान राज्यों) में मॉनसून के चार महीनों जून से सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं। कोर जोन में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और वेस्ट बंगाल शामिल हैं। पिछले महीने आईएमडी ने देश भर में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान जताया था। मॉनसून आने की संभावित तारीखें ➤ केरल : 31 मई या 1 जून ➤ दिल्ली-NCR : 30 जून से 2 जुलाई के बीच ➤ यूपी : 18 से 20 जून के बीच

दिल्ली समेत 6 बड़े शहरों में क्यों बरस रही आग? 50 डिग्री तक पारा जाने की सामने आई बड़ी वजह

Center For Science And Environment Report: इस समय देश में राजधानी दिल्ली समेत 6 बड़े शहर भीषण गर्मी से त्रस्त हैं। झुलसा देने वाली गर्मी से तपिश बढ़ती जा रही है। देश में 17 स्थानों की बात करें, तो तापमान 48 डिग्री पार कर गया है। नई दिल्ली, बिहार, हरियाणा, यूपी, एमपी समेत उत्तर और उत्तर पश्चिम में गर्मी ने बेहाल कर रखा है। अधिकतर हिस्सों में पारा 45 पार है। उमस और लू के थपेड़े लोगों को परेशान कर रहे हैं। 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून तक रहेगा। बताया जा रहा है कि गर्मी अभी बढ़ेगी। हरियाणा के सिरसा में पारा 48.4 डिग्री तक हो चुका है। राजस्थान में अब तक लू के 3622 मरीज सामने आ चुके हैं। दक्षिण भारत में भी हाल अलग नहीं है।

Weather Update : अब रातें भी ठंडी नहीं हो रहीं, हालात और भी होंगे बदतर https://newstrack.com/india/weather-news-now-the-nights-are-not-getting-colder-the-situation-will-get-worse-445117

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के एक अध्ययन के अनुसार पिछले दो दशकों में ह्यूमिडिटी के बढ़ते जाने के ट्रेंड की वजह से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, ब https://newstrack.com/india/weather-news-now-the-nights-are-not-getting-colder-the-situation-will-get-worse-445117?infinitescroll=1

दिल्ली में 50 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, आसमान से बरस रही आग, राजधानी के लोग हो रहे बेहाल

नई दिल्ली के कई इलाकों में मंगलवार को अत्यधिक तापमान दर्ज किया गया और पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अभी पूरे उत्तर भारत में लू चल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान लगाया था कि अगले तीन दिनों तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी, जिससे निवासियों को भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी। मंगलवार को दिल्ली का मुंगेशपुर शहर का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 49.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नजफगढ़ में 49.8 डिग्री, नरेला में 49.9 डिग्री, पीतमपुरा और पूसा में 48.5 डिग्री दर्ज किया गया।

दिल्ली में 50 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, आसमान से बरस रही आग, राजधानी के लोग हो रहे बेहाल

कंक्रीटीकरण और आर्द्रता का स्तर बढ़ने से भारत के महानगरों में गर्मी बढ़ रही है जहां एक दशक पहले की तरह रात तक में मौसम ठंडा नहीं हो रहा है। यह बात ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट’ (सीएसई) की एक नयी रिपोर्ट में कही गई है। सीएसई ने जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 तक छह महानगरों- ​​दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई के लिए ग्रीष्मकालीन हवा के तापमान, भूमि की सतह के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता डेटा का विश्लेषण किया।

Feeling like nights are getting too uncomfortable? New report confirms that nighttime temperatures aren’t dipping enough

Studies have already shown time and again that deadly heat is becoming a frequent phenomenon in India. With temperatures expected to touch a scorching 54°C, extreme conditions are rendering an increasing number of places unliveable. This includes India’s highly developed metro cities, which are dealing with their own set of unique heat troubles. Delhi-based think tank Centre for Science and Environment (CSE) has shed light on an alarming trend: not only are heatwaves are becoming deadlier in India’s major cities, temperatures aren’t dropping enough to provide sufficient respite at night either.

Explainer: 'भट्टी' क्यों बन रहे दिल्ली समेत ये 6 बड़े शहर? 10 साल के आंकड़ों से समझिए गर्मी का कैसे

बदला मिजाजसेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) के एनालिसिस से पता चलता है कि हीट स्ट्रेस सिर्फ बढ़ते तापमान के कारण नहीं है. यह एयर टेंपरेचर, लैंड सरफेस टेंपरेचर रिलेटिव ह्यूमिडिटी का एक मिलाजुला रूप है. आने वाले दिनों में इस वजह से गर्मी और बढ़ेगी.

Increasing concretization, humidity worsening heat stress in India's megacities: CSE report

Increasing concretization and humidity levels are exacerbating heat stress in India's megacities, which are not cooling down at night at the same rate as a decade ago, according to a new report by the Centre for Science and Environment (CSE). The CSE analysed summer air temperature, land surface temperature, and relative humidity data for six megacities -- Delhi, Mumbai, Kolkata, Hyderabad, Bengaluru and Chennai -- from January 2001 to April 2024. The think tank found that increased humidity is worsening heat stress across all climate zones, even nullifying the marginal drop in air temperatures in Delhi and Hyderabad.

पारा@49 डिग्री...गर्मी से धधक रही दिल्ली, डरा रहा हीट इंडेक्स और ह्यूमिडिटी का कनेक्शन

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली आजकल 'आग की भट्ठी' की तरह तप रही है। भीषण गर्मी ने लोगों को बुरी तरह झुलसा रखा है। गर्मी के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। हर कोई आसमान की तरफ देखकर बादलों के बरसने का इंतजार कर रहा है। लेकिन भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिल्ली के मुंगेशपुर और नरेला में सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड किया गया। मुंगेशपुर और नरेला में अधिकतम तापमान 49.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। नजफगढ़ में भी अधिकतम तापमान 49.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ह्यूमिडिटी पर एक्सपर्ट की राय? ह्यूमिडिटी का स्तर बढ़ने से भारत के महानगरों में गर्मी बढ़ रही है जहां एक दशक पहले की तरह रात तक में मौसम ठंडा नहीं हो रहा है। यह बात ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट’ (सीएसई) की एक नई रिपोर्ट में कही गई है। सीएसई ने जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 तक छह महानगरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई के लिए ग्रीष्मकालीन हवा के तापमान, भूमि की सतह के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता डेटा का विश्लेषण किया। थिंक टैंक ने कहा कि बढ़ी हुई आर्द्रता सभी जलवायु क्षेत्रों में गर्मी की स्थिति को बढ़ा रही है, यहां तक कि दिल्ली और हैदराबाद में हवा के तापमान में मामूली गिरावट भी बेअसर साबित हो रही है। बेंगलुरु को छोड़कर, 2001-2010 के औसत की तुलना में 2014-2023 तक अन्य पांच महानगरों में ग्रीष्मकालीन औसत सापेक्ष आर्द्रता 5-10 प्रतिशत बढ़ गई। सीएसई की रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब भीषण गर्मी भारत के बड़े हिस्से में स्वास्थ्य और आजीविका को प्रभावित कर रही है।

दिल्ली-मुंबई सहित भारत के महानगरों में बढ़ती गर्मी की ये है वजह, यहां का बढ़ता पारा शरीर के लिए हो सकता है घातक

सीएसई की एक नई रिपोर्ट के अनुसार कंक्रीट के बढ़ते जाल और आर्द्रता का स्तर बढ़ने से भारत के महानगरों में गर्मी का प्रभाव बढ़ रहा है जो एक दशक पहले की तरह रात में ठंडा नहीं हो रहा है। सीएसई ने जनवरी 2001 से अप्रैल 2024 तक छह महानगरों के लिए ग्रीष्मकालीन हवा के तापमान भूमि की सतह के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता डेटा का विश्लेषण किया है।

Report: ‘140 प्रमुख शहर रात में आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में 60% अधिक गर्म’, IIT भुवनेश्वर का दावा

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई), नई दिल्ली की एक रिपोर्ट के अनुसार, शहर रात में उतने ठंडे नहीं हो रहे, जितने 2001-2010 के दौरान हुआ करते थे। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) इंडिया रॉस सेंटर के अनुसार, 2050 तक दुनिया भर में 10 में से सात लोग शहरी क्षेत्रों में रह सकते हैं। इसमें लगभग 90 प्रतिशत वृद्धि ग्लोबल साउथ में होगी। भारत में इसका सबसे अधिक असर होगा। डब्ल्यूआरआई इंडिया रॉस सेंटर के अनुसार, वर्तमान में भारत की 35 प्रतिशत आबादी यानी करीब 40 करोड़ लोग शहरी क्षेत्रों में रह रहे हैं। वहीं, 2050 तक दोगुनी होकर 80 करोड़ हो जाएगी।

Urbanisation led to 60% more night warming in Indian cities than non-urb Study

According to an analysis by the Centre for Science and Environment (CSE), New Delhi, cit night like they used to during 2001-2010 because they have "become more concretised in contributing to the rise in heat stress. They said that while increasing green cover can moderate day-time heat, it is ineffective fo According to the World Resources Institute (WRI) India Ross Center, seven out of 10 peop projected to live in urban areas by 2050. While about 90 per cent of the growth is expecte South, a significant fraction of this will occur in India, it said. Currently, 36 per cent of India's population, or about 40 crore, is urban and will double to the WRI India Ross Center. With India projected to become the fastest growing economy globally, and expected to wi the latest findings could help urban planners and policymakers better allocate resources a planning required for building sustainable cities, the authors said.

High humidity adds to Delhi’s heat stress, reveals CSE study

NEW DELHI: A study by Centre for Science and Environment (CSE) has noted that an unprecedented heatwave has been enveloping Indian cities, worsening the urban heat island effect. The analysis showed that the heat stress is not just about rising temperatures but also a deadly combination of air temperature, land surface temperature and relative humidity that leads to acute thermal discomfort in cities, including the national capital.