बढ़ते शहरीकरण में पिछड़ता कचरा प्रबंधन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (सीपीसीबी) के अनुसार वर्ष 2030 तक भारत में अपशिष्ट उत्पादन बढ़कर 165 मेट्रिक टन हो जाएगा। 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट' (सीएसई) द्वारा साल 2020 में किए गए शोध के अनुसार भारत में 3159 कचरे के पहाड़ हैं जिनमें 80 करोड़ टन कचरा मौजूद है। 'संयुक्त राष्ट्र संघ' द्वारा तय किए गए 17 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स' (एसडीजी) में सभी के लिए स्वच्छ जल और स्वच्छ भूमि के दो प्रमुख लक्ष्य भी हैं जिनमें ठोस कचरा प्रबंधन भी शामिल है।
