दिल्ली की हवा जहर, तैर रहे छोटे-छोटे कण जो सीधे खून में घूलकर अंगों को बना देते हैं बेजान
दीपावली और उसके अगले दिन दिल्ली में इस साल जनवरी के बाद सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। विश्लेषण के अनुसार, त्योहार के दो दिन बाद यानी बुधवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में हवा बेहद जहरीली बनी रही। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के अध्ययन के मुताबिक, दीपावली के दिन दिल्ली का औसत PM2.5 स्तर 228 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (µg/m³) था, जबकि अगले दिन यह बढ़कर 241 µg/m³ तक पहुंच गया। इस साल जनवरी में सिर्फ चार दिन ऐसे थे जब PM2.5 का स्तर इससे अधिक गया था। अध्ययन में यह भी पाया गया कि मंगलवार को दिल्ली देश की सातवीं सबसे प्रदूषित शहर रही। उससे आगे हरियाणा के जींद (412), धरूहेड़ा (298), गुरुग्राम (290), नारनौल (266), बहादुरगढ़ (247) और राजस्थान के भिवाड़ी (244) थे। वहीं रोहतक (223), नोएडा (218) और गाज़ियाबाद (207) भी प्रदूषण के शीर्ष 10 शहरों में शामिल रहे। स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रदूषक कण (PM2.5) और बारीक होते जाते हैं, उनका असर शरीर पर ज़्यादा खतरनाक होता है। अनुमिता रॉय चौधरी, कार्यकारी निदेशक, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE), ने कहा, “ये सूक्ष्म कण इतने छोटे होते हैं कि वे सीधे रक्त प्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकते हैं। कण जितना छोटा, स्वास्थ्य के लिए खतरा उतना बड़ा।”
